Play Group बच्चे को घर से विद्यालय की नई दुनिया में सहज बनाता है। यहाँ पहला लक्ष्य किताब पूरी करना नहीं, बल्कि शिक्षक से अपनापन, अपनी जरूरत बोलकर बताना, साथियों के साथ खेलना और आसपास की चीजों में रुचि लेना है।
Play Group बच्चे को घर से विद्यालय की नई दुनिया में सहज बनाता है। यहाँ पहला लक्ष्य किताब पूरी करना नहीं, बल्कि शिक्षक से अपनापन, अपनी जरूरत बोलकर बताना, साथियों के साथ खेलना और आसपास की चीजों में रुचि लेना है।
Playway Method का अर्थ है खेल के अनुभव से समझ बनाना। उदाहरण के लिए रंग का नाम रटाने के बजाय लाल गेंद चुनना, गुड़िया को कपड़े पहनाना, चित्र में फल पहचानना या कहानी के पात्र की तरह चलना सीखने का हिस्सा बनता है। गीत, ताल, नृत्य और छोटे अभिनय से सुनने, बोलने और शरीर के संतुलन का अभ्यास होता है।
गोरौर जैसे ग्रामीण परिवेश में घर, परिवार, खेत, पेड़, पशु, मौसम और स्थानीय त्योहार बच्चे के परिचित अनुभव हैं। इन उदाहरणों को हिंदी और उसकी घर की बोली में बातचीत से जोड़कर नई सीख को आसान बनाया जाता है। अंग्रेज़ी से परिचय सरल शब्दों और गीतों के माध्यम से धीरे-धीरे होता है।
विद्यालय द्वारा साझा परिचय
A joyful first step into school life through play, stories, music, movement and guided social interaction.
We combine guided classroom activities with stories, conversation, creative work, movement and hands-on practice so children can learn with confidence and curiosity.
Comfort with school routines
Communication and listening
Fine and gross motor activities
Sharing, confidence and social habits
Colours, shapes, sounds and early concepts
प्रवेश के लिए तैयारी
परिवार पहले बच्चे की जरूरत, घर की बोली और विद्यालय में सहज होने की तैयारी साझा करें। विद्यालय की प्रवेश-आयु और सीट की अंतिम पुष्टि कार्यालय से करें।
02 / विषयवार पाठ्यक्रम
क्या सीखेंगे, और उसका अभ्यास कैसे होगा?
ये विकास और गतिविधि के लक्ष्य हैं। अक्षर या गिनती की निश्चित सीमा हर बच्चे पर एक जैसी न थोपें; शिक्षक बच्चे की तैयारी के अनुसार छोटे अगले लक्ष्य बताएँ।
01
सुनना, बोलना और जरूरत बताना
बच्चा शिक्षक की आवाज पहचानता है, सरल निर्देश सुनता है और शब्द या संकेत से अपनी जरूरत बताने का अभ्यास करता है। बोलचाल सीखने का आरंभ है; हर बच्चे से तुरंत पूरा वाक्य बोलने की अपेक्षा नहीं होती।
अपना नाम सुनकर प्रतिक्रिया
नमस्ते और विदा कहना
पानी, सहायता और शौचालय की जरूरत बताना
परिवार और परिचित वस्तुओं के नाम
एक चरण वाले निर्देश
अभ्यास का उदाहरण
चित्र दिखाकर “यह क्या है?” पूछना; गुड़िया के साथ नमस्ते करना; शिक्षक और बच्चे के बीच छोटी बातचीत।
02
रंग, आकार और शुरुआती संख्या-बोध
पहचान वास्तविक वस्तु से बनती है। बच्चा चीजें मिलाता, अलग करता और कम-ज्यादा का अनुभव करता है। गिनती का गीत परिचय है; लिखित अंकों की कठोर परीक्षा नहीं।
मूल रंगों की पहचान
गोल और चौकोर वस्तुएँ
एक और बहुत
बड़ा-छोटा
मिलान और छँटाई
थोड़ी वस्तुओं को छूकर गिनना
अभ्यास का उदाहरण
रंगीन बड़े ब्लॉक अलग रखना, समान चित्र मिलाना और गेंदों को टोकरी में एक-एक डालना।
03
हाथों का नियंत्रण और रचनात्मकता
हाथ और आँख का तालमेल आगे चलकर लिखने में मदद करता है। सुरक्षित बड़े उपकरण और आसानी से पकड़ने वाली सामग्री का उपयोग किया जाता है।
बड़े ब्लॉक जोड़ना
क्रेयॉन से स्वतंत्र रेखाएँ
कागज चिपकाना
मिट्टी या आटे को आकार देना
बड़ी पहेलियों के टुकड़े लगाना
अभ्यास का उदाहरण
अपनी पसंद के रंग से चित्र बनाना और शिक्षक की सहायता से बड़े टुकड़ों की कोलाज तैयार करना।
04
गीत, नृत्य और शरीर का संतुलन
संगीत और हलचल मनोरंजन के साथ भाषा, ताल, सुनने और शरीर के नियंत्रण का अवसर देते हैं। गतिविधियाँ बच्चे की सुविधा और भागीदारी के अनुसार होती हैं।
ताली के साथ बालगीत
हाथ-पैर की सरल हलचल
चलना और रुकना
गेंद को लुढ़काना
पशुओं की चाल का अभिनय
अभ्यास का उदाहरण
गीत पर धीरे-तेज ताली बजाना, “रुको-चलो” खेलना और कहानी में पक्षी की तरह हाथ फैलाना।
05
दोस्ती और भावनाएँ
समूह में खेलना बच्चे को दूसरों का ध्यान रखने और अपनी भावना पहचानने का मौका देता है। साझा करना धीरे-धीरे सीखने की प्रक्रिया है।
खुश और उदास चेहरे पहचानना
अपनी बारी की प्रतीक्षा
खिलौना साझा करने की शुरुआत
शिक्षक से मदद लेना
समूह में बैठना
अभ्यास का उदाहरण
गुड़िया के खुश-उदास चेहरे पर बातचीत; दो बच्चों को बारी-बारी गेंद देना और प्रयास की सराहना करना।
06
दैनिक आदतें और अपना काम
छोटे-छोटे रोजमर्रा के काम बच्चे को स्वतंत्र बनने में सहायता देते हैं। स्वच्छता और अपने शरीर की जरूरत समझने की आदत स्नेह से विकसित होती है।
हाथ धोना
अपना बैग पहचानना
खिलौना वापस रखना
पानी पीने की आदत
स्वच्छता और सुरक्षित व्यवहार
अभ्यास का उदाहरण
खेल के बाद खिलौने टोकरी में रखना और शिक्षक के साथ हाथ धोने का क्रम दोहराना।
07
आसपास की दुनिया
बच्चा परिचित चीजों को देखकर सवाल पूछना और नाम बताना सीखता है। वास्तविक जीवन की सीख कक्षा की बातचीत से जुड़ती है।
मेरा परिवार
फल और सब्जियाँ
पेड़ और पत्ते
पालतू पशु और पक्षी
धूप और बारिश
स्थानीय त्योहार
अभ्यास का उदाहरण
फल के चित्र पहचानना, पत्ते की बनावट देखना और घर के किसी पशु के बारे में एक शब्द या संकेत से बताना।
पाठ्यक्रम के आधिकारिक संदर्भ देखें
संदर्भ: NCERT / CBSE; संदर्भ समीक्षा: 14 अक्टूबर 2026। विषय-संयोजन और विद्यालय की पुस्तक सूची की पुष्टि कार्यालय से करें।
नीचे सीखने के क्रम की रूपरेखा है। मासिक अध्याय, छुट्टियाँ, परीक्षा-तिथियाँ और कक्षा का समय विद्यालय की प्रकाशित योजना से लें; ये चरण तय तारीखों का कैलेंडर नहीं हैं।
चरण 1
परिचय, भरोसा और दिनचर्या
चरण 2
रंग, वस्तु और बोलचाल की पहचान
चरण 3
साझा खेल, गीत और हलचल
चरण 4
आदतों का दोहराव और प्रगति साझा करना
05 / प्रगति और अभिभावक सहयोग
सीख को कैसे समझेंगे?
देखें कि बच्चा शिक्षक से सहायता लेता है, एक छोटे निर्देश पर प्रतिक्रिया देता है, सुरक्षित खेल में शामिल होता है और परिचित वस्तु पहचानने का प्रयास करता है। प्रगति खेल और अवलोकन से दर्ज करें; रैंक या कठिन लिखित परीक्षा से तुलना न करें।
कक्षा के बाद अपेक्षित विकास
शिक्षक और साथियों के साथ धीरे-धीरे सहज होना तथा सहायता माँगना।
परिचित वस्तुओं, कुछ रंगों और आकारों को पहचानने का प्रयास करना।
छोटी गतिविधि में भाग लेना, अपनी बारी समझना और सामान रखने की आदत बनाना।
ये सीखने के लक्ष्य हैं; हर बच्चे की गति और सहायता की जरूरत अलग हो सकती है।
घर पर अभिभावक कैसे साथ दें?
घर पर रोज थोड़ी बातचीत और कहानी का समय दें; मोबाइल दिखाना बोलचाल का विकल्प नहीं है।
रंगों और वस्तुओं को घर की भाषा में पहचानने दें। लिखने या अंग्रेज़ी बोलने का दबाव न बनाएँ।
विद्यालय के अनुभव पूछें और जरूरत, स्वास्थ्य या अलग होने की चिंता शिक्षक को बताएं।